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कोंडागांव: धान खरीदी में अव्यवस्था के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, 7 दिन का अल्टीमेटम

 


कोंडागांव, 17 दिसंबर 2025

 कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम बवई स्थित धान खरीदी केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं और टोकन जारी न होने से नाराज किसानों ने आज मकड़ी कोण्डागांव मुख्य मार्ग पर ग्राम बवई में चक्का जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एक माह के समय अंतराल में बहुत ही कम धान खरीदी होने और सरकार द्वारा लिमिट तय करने के कारण हो रही असुविधाओं के चलते, समय से टोकन नहीं कटने, कई किसानों को मोबाइल चलाने नहीं आता ऐसी स्थिति में वो मंडी के चक्कर काटते रह जाते है और दिन का कोटा फूल हो जाता है जिसके चलते किसानों में काफी आक्रोश बना हुआ था। बताया जा रहा किसानों के द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया गया था परन्तु उस पर कोई सुधार कोई सुनवाई नहीं होने के कारण, आसपास के गांव के किसानो को रोड पर उतरना पड़ा और शासन प्रशासन तक अपनी समस्याएं दोहरानी पड़ी, भीड़ में उपस्थिति किसानो ने सरकार के खिलाफ नारे बाजी कर अपनी समस्याओं को रखने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया।



आंदोलन की मुख्य वजहें:

  • टोकन न काटना: किसानों का मुख्य आरोप है कि धान बिक्री के लिए टोकन जारी नहीं किए जा रहे हैं।
  • खरीदी की कम लिमिट: किसानों की मांग है कि धान खरीदी केंद्र बवई की लिमिट बढ़ाई जाए। ताकि अधिक किसान अपनी फसल बेच सके 
  • असंतोषजनक खरीदी: पिछले वर्ष इसी केंद्र पर 70 हजार क्विंटल से अधिक धान खरीदी हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 15 हजार क्विंटल से भी कम खरीदी हो पाई है।
  • विपक्षी पार्टी ने किया समर्थन लगाया आरोप:
कांग्रेस के ब्लॉक कमेटी के समर्थकों जिला प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इतने महत्वपूर्ण केंद्र का जायजा लेने के लिए कलेक्टर द्वारा अब तक कोई दौरा नहीं किया गया। राधना उपार्जन केंद्र के समस्याओं पर किसानों,अब बवई लगभग सभी जगहों पर किसानों की जो समस्या है समान हैं पूर्व में ज्ञापन के माध्यम से भी अपनी समस्याओं से अवगत कराया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे सरकार को किसानों के प्रति कितनी फिक्र सहानुभव हैं वो देख आज सकता हैं। अगर किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो झूठे दावे क्यों करते हैं।

प्रशासनिक हस्तक्षेप और आश्वासन:
सड़क जाम की सूचना मिलते ही माकड़ी थाना प्रभारी, तहसीलदार और जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। लंबी बातचीत के बाद, प्रशासनिक अमले ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को आगामी सात दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
प्रशासन के इस आश्वासन के बाद, किसानों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो अगला प्रदर्शन ब्लॉक या जिला मुख्यालय पर किया जाएगा। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और प्रशासन मामले को सुलझाने में जुटा है।