कोंडागांव माकड़ी 30/05/26 : बाल संस्कारशाला, नवदम्पति शिविर एवं सात दिवसीय गायन-वादन प्रशिक्षण से गूंजा प्रज्ञापीठ परिसर
गायत्री प्रज्ञापीठ माकड़ी में 23 मई से 30 मई तक व्यक्तित्व निर्माण, परिवार सशक्तिकरण तथा समाज जागरण को केंद्र में रखकर विविध प्रेरणादायी एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों की श्रृंखला में तीन दिवसीय बाल संस्कारशाला, एक दिवसीय नवदम्पति शिविर तथा सात दिवसीय गायन-वादन प्रशिक्षण शिविर प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन आयोजनों में क्षेत्र के बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं नवविवाहित दम्पतियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का विकास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता तथा आदर्श समाज निर्माण के प्रति चेतना जागृत करना रहा। प्रज्ञापीठ परिसर में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को संस्कारयुक्त जीवन, पारिवारिक समरसता तथा सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रेरित किया गया।
★ बाल संस्कारशाला में बच्चों को दिए गए जीवन मूल्यों के संस्कार
तीन दिवसीय बाल संस्कारशाला में बच्चों को अनुशासन, सदाचार, राष्ट्रभक्ति, माता-पिता एवं गुरुजनों के प्रति सम्मान, पर्यावरण संरक्षण तथा नैतिक शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षकों ने खेल, गीत, कथा एवं प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया।
संस्कारशाला में बच्चों को सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर सकारात्मक सोच अपनाने, स्वच्छता बनाए रखने तथा समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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| बाल संस्कार के बाद प्रशस्ति पत्र प्राप्त किए हुए बच्चें |
★ शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंचे प्रशिक्षकों ने दिया संगीत प्रशिक्षण
सात दिवसीय गायन-वादन प्रशिक्षण शिविर में लगभग 15 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। शिविर में शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंचे संगीत प्रशिक्षक सुरेश कुमार मरकाम द्वारा संगीत की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भजन, समूहगान, वाद्य यंत्र संचालन तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विधाओं से परिचित कराया गया। प्रशिक्षक ने संगीत को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि आध्यात्मिक जागरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक चेतना का प्रभावी साधन बताते हुए प्रतिभागियों को निरंतर अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।
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| संगीत प्रशिक्षण लेते हुए माकड़ी परिक्षेत्र की युवा बहनें |
एक दिवसीय नवदम्पति शिविर में 12 नवविवाहित दम्पतियों ने भाग लेकर वैवाहिक जीवन को सफल, संतुलित और सुखद बनाने के विभिन्न आयामों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। शिविर में दाम्पत्य जीवन की समरसता, पारिवारिक सहयोग, पारस्परिक विश्वास, संवाद की महत्ता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं में रमेश साहू, आईएरा, मनु सर, रोशन मरकाम, भुनेश्वर पुजारी, पदमा ध्रुव एवं अंबिका मरकाम ने अपने प्रेरक विचारों से नवदंपतियों का मार्गदर्शन किया। बताया कि स्वस्थ और सुदृढ़ परिवार ही एक आदर्श समाज की नींव होता है। दम्पतियों को परिवार में प्रेम, सहयोग, त्याग एवं संस्कारों के महत्व को समझाते हुए जीवन को सकारात्मक दिशा देने का संदेश दिया गया।
★ समाज निर्माण की दिशा में प्रभावी प्रयास
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण एक-दूसरे से जुड़े हुए महत्वपूर्ण आयाम हैं। यदि व्यक्ति संस्कारित होगा तो परिवार सशक्त होगा और परिवार सशक्त होगा तो समाज भी उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होगा।
आयोजकों ने बताया कि प्रज्ञापीठ में समय-समय पर ऐसे रचनात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य समाज में नैतिकता, आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षकों, सहयोगियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने भविष्य में भी समाजहित एवं जनजागरण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया।
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सुनील कुमार रत्नाकर
माकड़ी कोण्डागांव
9329165563
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