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बस्तर की संवेदनाओं को समर्पित फिल्म ' माटी ’का कोंडागांव में भव्य प्रीमियर शो, विधायक लता उसेंडी के कर कमलों द्वारा


कोंडागांव/जगदलपुर। बस्तर की मिट्टी, संस्कृति और नक्सलवाद की पृष्ठभूमि में प्रेम तथा मानवीय संघर्ष को दर्शाने वाली बहुचर्चित छत्तीसगढ़ी फिल्म "माटी" का कोंडागांव में शानदार प्रीमियर आयोजित किया गया। यह आयोजन इसलिए ऐतिहासिक बन गया क्योंकि इसमें सर्व समाज की उपस्थिति में की गई, जिसने फिल्म के प्रति स्थानीय लोगों के गहरे जुड़ाव और उत्सुकता को दर्शाया।

इस विशेष अवसर पर, कोंडागांव की स्थानीय विधायक लता उसेंडी भी अपने सहयोगी कार्यकर्ताओं के साथ फिल्म देखने पहुंचीं। उनकी उपस्थिति ने न केवल फिल्म निर्माण के प्रयासों को सराहा, बल्कि बस्तर के ज्वलंत मुद्दों पर बनी इस संवेदनशील कृति को प्रोत्साहित भी किया।


'माटी' फिल्म: नक्सलवाद की पृष्ठभूमि में प्रेम और उम्मीद की कहानी

फिल्म 'माटी' केवल एक प्रेमकथा नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा की पुकार है, जिसने दशकों तक हिंसा और मानवीय करुणा के बीच खुद को जीवित रखा।

  • संवेदनशील विषय वस्तु: यह फिल्म बस्तर की मिट्टी, वहाँ के लोगों की भावनाओं और नक्सली जीवन की अनकही सच्चाई को परदे पर जीवंत करती है। यह प्रेम, संघर्ष और उम्मीद की एक ऐसी कहानी है जो यह संदेश देती है कि कोई भी संघर्ष सिर्फ हिंसा से नहीं जीता जा सकता, बल्कि प्रेम और विश्वास ही वास्तविक परिवर्तन के सूत्रधार हैं।

  • स्थानीय कलाकारों की भागीदारी: 'माटी' की सबसे बड़ी खासियत इसमें अभिनय करने वाले कलाकार हैं। फिल्म में 1000 से अधिक स्थानीय कलाकारों ने काम किया है, जिनमें शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, और सबसे महत्वपूर्ण रूप से, 40 से अधिक आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सली शामिल हैं। इन पूर्व नक्सलियों ने अपने ही अनुभवों के आधार पर भूमिकाएं निभाई हैं, जिससे फिल्म में वास्तविकता का पुट गहरा हो जाता है।

  • बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण: फिल्म की पूरी शूटिंग बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में की गई है। जंगलों, घाटियों, झरनों और गांवों की प्राकृतिक सुंदरता को कैमरे में बेहद संवेदनशीलता से उतारा गया है, जिसका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बस्तर की असली छवि को लोगों तक पहुंचाना है।

  • फिल्म के निर्माणकर्ता: फिल्म के निर्माता संपत झा और निर्देशक अविनाश प्रसाद हैं, जबकि इसकी स्क्रिप्ट वरिष्ठ पत्रकार हेमंत कश्यप ने लिखी है।

विधायक लता उसेंडी ने बढ़ाया कलाकारों का हौसला

फिल्म का प्रीमियर कोंडागांव में एक बड़ा सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम बन गया। विधायक लता उसेंडी ने फिल्म देखने के बाद, स्थानीय कलाकारों के असाधारण काम की प्रशंसा की और कहा कि 'माटी' बस्तर की कहानी को देश और दुनिया के सामने एक नए और सकारात्मक तरीके से प्रस्तुत करती है। उन्होंने कलाकारों और फिल्म के निर्माता-निर्देशक को उनकी संवेदनशीलता और साहसपूर्ण प्रयास के लिए बधाई दी।

यह फिल्म दर्शकों में गहरी उत्सुकता पैदा कर रही है, और माना जा रहा है कि यह छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो बस्तर की वास्तविक चुनौतियों और उम्मीदों को बड़े पर्दे पर प्रभावी ढंग से दर्शाती है।