Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

कोंडागांव: सलना में हर्षोल्लास से मनाया गया राष्ट्रीय हथकरघा दिवस

 


   







‘नवीन बुनाई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, बुनकरों को योजनाओं की दी जानकारी

कोंडागांव/माकड़ी, 7 अगस्त। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर चंदेनी बूढ़ी माता बुनकर सहकारी समिति मर्यादित, सलना में हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बुनकरों एवं ग्रामीणों के लिए ‘नवीन बुनाई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर जिला बुनकर संघ के अध्यक्ष श्री नारायण देवांगन तथा विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ के प्रदेश मंत्री श्री सुनील रत्नाकर रहे। जिला हथकरघा कार्यालय, जगदलपुर से श्री रमेश कुमार एवं अपैक्स से श्री देवेंद्र नेताम सहित ग्राम पंचायत के सरपंच दशरथ शोरी, पटेल धनीराम मरकाम, अमरु राम मरकाम, गायता राम साय मरकाम, समिति अध्यक्ष सोमन सिंह पांडे, सचिव कपूरचंद खंडरिया, हेमलाल ,फरसु बघेल, धनेर, खुरसो, विजय, मेघनाथ, बुलाराम, ठढगु राम, समतू, हेमलाल, धन्नाराम, बैजनाथ, घुढराम,अमर सिंग, नोहर राम सोरी व अन्य प्रशिक्षणार्थी, ग्रामीण व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि श्री नारायण देवांगन ने कहा कि हथकरघा हमारी परंपरा, संस्कृति, कला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पहचान है। आधुनिक तकनीक एवं नई बुनाई पद्धतियों का प्रशिक्षण लेकर बुनकर अपनी कला को नई पहचान देने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ा सकते हैं।

विशिष्ट अतिथि श्री सुनील रत्नाकर ने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण को गंभीरता और लगन से सीखकर इसे रोजगार एवं आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं श्रमिक परिवारों के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ना समय की आवश्यकता है। हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़कर परिवार की आय और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

कार्यक्रम में जिला हथकरघा कार्यालय के श्री रमेश कुमार ने बुनकर परिवारों के लिए उपलब्ध छात्रवृत्ति, आवास, पेंशन सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी तथा पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान ‘नवीन बुनाई’ प्रशिक्षण को लेकर प्रशिक्षणार्थियों में उत्साह रहा। ग्रामीणों ने प्रशिक्षण को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।