जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल से ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत एवं कानून संबंधी प्रावधानों की दी गई जानकारी
कोंडागांव, 28 जुलाई 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोंडागांव द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव श्री खिलावन राम रिगरी के मार्गदर्शन तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री गायत्री साय के नेतृत्व में ग्राम पंचायत सिलाटी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अधिकार मित्र एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी विषयों पर विस्तार से जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों से परिचित कराना, पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देना तथा न्याय तक उनकी सरल एवं सहज पहुँच सुनिश्चित करना था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न कानूनी विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
शिविर के दौरान अधिकार मित्र श्रीमती चमेली यादव एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को विधिक अधिकार एवं कर्तव्य, निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, साइबर अपराध से बचाव, सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियम, नशामुक्ति तथा कानून के पालन के महत्व पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर एवं पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद या समस्या की स्थिति में नागरिक प्राधिकरण से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
ग्रामीणों को लोक अदालत की उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति के आधार पर विवादों का त्वरित, सरल, कम खर्चीला एवं सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सकता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
शिविर में पुलिस विभाग द्वारा साइबर ठगी, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, मोबाइल एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, डिजिटल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और अपराध की रोकथाम में नागरिकों की भूमिका पर भी विशेष जानकारी दी गई। ग्रामीणों को अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी साझा करने जैसी साइबर ठगी की सामान्य तकनीकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों से कानून का सम्मान करने, सामाजिक सौहार्द एवं शांति बनाए रखने, नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने तथा विधिक सेवाओं का लाभ उठाकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने ऐसे जागरूकता शिविरों को भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।





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