घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा अभियान को जन-आंदोलन बनाने की अपील
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा – मुनगा का हर पौधा सुपोषण, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक
रायपुर, 28 जुलाई 2026।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने प्रदेशवासियों से वर्षा ऋतु के दौरान अधिक से अधिक मुनगा (सहजन) के पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा है कि “घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा” अभियान छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त, स्वस्थ एवं समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों तथा आमजन के घरों में “सुपोषण वृक्ष–मुनगा” अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण आहार उपलब्ध कराना है।
मंत्री श्रीमती रजवाड़े ने बताया कि मुनगा को विश्वभर में “मदर्स ट्री” के नाम से भी जाना जाता है। इसकी पत्तियाँ, फलियां और फूल प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ए, सी एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। नियमित रूप से इसके सेवन से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा मिलता है, माताओं के स्वास्थ्य में सुधार होता है तथा एनीमिया जैसी समस्याओं की रोकथाम में भी यह अत्यंत प्रभावी सिद्ध होता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पोषण सुधार को केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। यदि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र, प्रत्येक विद्यालय और प्रत्येक घर में मुनगा का पौधा लगाया जाए, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश में कुपोषण की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही लोगों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और परिवारों को दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
जनप्रतिनिधियों से निभाने का आह्वान
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने सांसदों, विधायकों, जिला एवं जनपद पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों तथा नगरीय निकायों के पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में मुनगा पौधरोपण अभियान का नेतृत्व करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों, सामुदायिक परिसरों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण कर “सुपोषण वाटिका” विकसित की जाए, जिससे स्थानीय समुदाय को पोषण और पर्यावरण संरक्षण दोनों का लाभ मिल सके।
सामूहिक सहभागिता से बनेगा जन-आंदोलन
मंत्री श्रीमती रजवाड़े ने महिला स्व-सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, युवाओं, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खेतों, घरों, विद्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए मुनगा के पौधे न केवल लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि “मुनगा का प्रत्येक पौधा स्वास्थ्य, पोषण और समृद्धि का प्रतीक है। यदि हम सभी मिलकर इस अभियान को अपनाएँ, तो आने वाली पीढ़ियों को कुपोषण मुक्त और स्वस्थ भविष्य प्रदान किया जा सकता है।”
अपने संदेश के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया—
“घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा — सुपोषित बचपन और स्वस्थ परिवार ही नए छत्तीसगढ़ की सशक्त नींव है।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग और सामूहिक सहभागिता से यह अभियान एक प्रभावी जन-आंदोलन का रूप लेगा तथा छत्तीसगढ़ को सुपोषित, स्वस्थ और हरित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।





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