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सड़कों पर यमराज बन दौड़ रहे ट्रैक्टर, लापरवाही से बढ़ रहे हादसे

 


नाबालिग चालकों पर लगे रोक, नियमों का पालन नहीं हुआ तो कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

कोंडागांव। जिले में इन दिनों ट्रैक्टरों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, ओवरलोडिंग और अनुभवहीन चालकों के कारण आम लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर मुख्य मार्गों तक ट्रैक्टर अब लोगों के लिए सुविधा से अधिक खतरे का कारण बनते जा रहे हैं।

हाल ही में बड़गांव में हुई एक दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका घुटना टूटकर अलग हो गया। यह घटना ट्रैक्टर चालकों की लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण है।

इसी प्रकार हाल ही में सालना क्षेत्र में मुरूम परिवहन कर रहा एक ट्रैक्टर चालक लापरवाही के चलते बीच सड़क पर ट्रॉली सहित पलट गया। यह घटना अत्यंत व्यस्त मार्ग पर हुई थी। सौभाग्य से उस समय वहां कोई पैदल यात्री, दोपहिया या चारपहिया वाहन अथवा मवेशी मौजूद नहीं थे, अन्यथा यह दुर्घटना कई लोगों की जान ले सकती थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रैक्टर चला रहा चालक उम्र में काफी छोटा प्रतीत हो रहा था। यदि वास्तव में वाहन नाबालिग के द्वारा चलाया जा रहा था, तो यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि आम नागरिकों के जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है। वाहन मालिकों की यह जिम्मेदारी है कि वे बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पर्याप्त अनुभव वाले व्यक्ति, विशेषकर नाबालिगों, को किसी भी स्थिति में वाहन न सौंपें।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैक्टर मुख्यतः कृषि कार्यों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन आज उनका उपयोग मुरूम, रेत, गिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्री के परिवहन में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। कई बार ट्रैक्टरों में क्षमता से अधिक भार लादा जाता है, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है और पलटने जैसी घटनाएं सामने आती हैं।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि ट्रैक्टर चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, ओवरलोडिंग तथा नाबालिग चालकों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों एवं चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक वाहन चालक और वाहन मालिक का भी नैतिक दायित्व है। थोड़ी सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है। इसलिए यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित वाहन चलाएं और दूसरों के जीवन का भी सम्मान करें।