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एनएचएम में संविलियन, 50% मानदेय वृद्धि और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग; कोंडागांव में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
कोंडागांव।
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले गुरुवार को कोंडागांव में मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्थ डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद रैली निकालकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
पुराने आश्वासनों को पूरा करने की मांग
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में भी आंदोलन के दौरान शासन की ओर से सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक मांगों का समाधान नहीं हो सका। लंबे समय से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे मितानिन कार्यकर्ताओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए।
ठेका व्यवस्था समाप्त करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मितानिन कार्यक्रम में निजी एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवा का संचालन स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था के तहत होना चाहिए तथा ठेका प्रथा समाप्त कर नियमित व्यवस्था लागू की जाए।
अनुभव के आधार पर मिले अवसर
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि वर्षों से सेवा दे रहे मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्थ डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को उनके अनुभव के आधार पर एनएचएम में समायोजित किया जाए। भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता एवं रोस्टर संबंधी प्रावधानों में आवश्यक छूट देने की भी मांग उठाई गई।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी आवश्यक है।
प्रमुख मांगें
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्थ डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों का संविलियन।
- मितानिन कार्यकर्ताओं के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि।
- मितानिन कार्यक्रम में ठेका प्रथा समाप्त कर नियमित व्यवस्था लागू की जाए।
- लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर समायोजन का लाभ मिले।
- भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता एवं रोस्टर नियमों में आवश्यक छूट प्रदान की जाए।
- सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और सेवा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।





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