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मनरेगा कर्मचारी के परिवार को मिला 38 लाख रुपये का आर्थिक संबल

 


दिवंगत सहायक प्रोग्रामर श्री दीपक मरकाम के आश्रितों को दुर्घटना बीमा एवं शिक्षा सहायता राशि प्रदान, सरकार की संवेदनशील पहल बनी सहारा

कोण्डागांव, 25 जून 2026। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार की संवेदनशील पहल का एक प्रेरणादायी उदाहरण कोण्डागांव जिले में देखने को मिला। जनपद पंचायत केशकाल में पदस्थ रहे दिवंगत सहायक प्रोग्रामर (मनरेगा) श्री दीपक मरकाम के असामयिक निधन के उपरांत उनके परिवार को कुल 38 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में मनरेगा सहित ग्रामीण विकास योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा एवं उनके परिवारों को संकट की घड़ी में आर्थिक संबल उपलब्ध कराने की दिशा में शासन निरंतर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में दिवंगत कर्मचारी के आश्रितों को निर्धारित प्रावधानों के तहत त्वरित राहत उपलब्ध कराई गई।

जानकारी के अनुसार, सड़क दुर्घटना में सहायक प्रोग्रामर श्री दीपक मरकाम का असामयिक निधन हो गया था। उनके वेतन खाते से संबद्ध एक्सिस बैंक द्वारा उपलब्ध दुर्घटना मृत्यु बीमा (Accidental Death Cover) के अंतर्गत 30 लाख रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की गई। इसके अतिरिक्त उनके बच्चों की शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 8 लाख रुपये की अतिरिक्त शिक्षा सहायता भी प्रदान की गई। इस प्रकार परिवार को कुल 38 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई।

जिला प्रशासन एवं संबंधित बैंक के बेहतर समन्वय से सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया गया। प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात सहायता राशि का चेक दिवंगत कर्मचारी की पत्नी श्रीमती मालती मरकाम को विधिवत प्रदान किया गया।

यह पहल न केवल शासन की कर्मचारी हितैषी सोच को दर्शाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि ग्रामीण विकास योजनाओं में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता है। कठिन परिस्थितियों में प्रदान की गई यह आर्थिक सहायता दिवंगत कर्मचारी के परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा सिद्ध होगी तथा बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में भी सहायक बनेगी।

जिला प्रशासन ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।