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शासन की योजनाओं से जुड़ेंगे आत्मसमर्पित नक्सली व पीड़ित परिवार, जिला प्रशासन ने की विशेष पहल

 


कोंडागांव। नक्सल प्रभावित परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास को गति प्रदान करने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन कोंडागांव एवं कोंडागांव पुलिस की संयुक्त पहल पर पुलिस लाइन, कोंडागांव में विशेष बहु-विभागीय हितग्राही शिविर का आयोजन किया गया।

यह शिविर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नक्सल पुनर्वास योजना-2025 के अंतर्गत किया गया। पूर्व में इस योजना के माध्यम से 379 पुनर्वासित नक्सलियों एवं 356 नक्सल पीड़ित परिवारों को लाभान्वित किया जा चुका है।

इस विशेष शिविर का उद्देश्य ऐसे नक्सल पीड़ित परिवारों, आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा अन्य जिलों एवं राज्यों में आत्मसमर्पण कर वर्तमान में कोंडागांव जिले में निवासरत पुनर्वासित नक्सलियों को शासन की फ्लैगशिप एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना था, जो अब तक विभिन्न कारणों से इन योजनाओं के लाभ से वंचित रहे थे।

नक्सल पुनर्वास योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में जिला बस्तर एवं जिला नारायणपुर के कुल 54 आत्मसमर्पित नक्सलियों, जो वर्तमान में कोंडागांव जिले में निवासरत हैं, तथा कोंडागांव जिले के 150 नक्सल पीड़ित परिवारों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों की पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों एवं आवश्यकताओं का परीक्षण कर विभिन्न योजनाओं में पंजीयन एवं आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया। शिविर में आए हितग्राहियों के लिए निःशुल्क वाहन, स्वल्पाहार एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई।

शिविर के दौरान यह भी चिन्हित किया गया कि कोंडागांव जिले के 31 आत्मसमर्पित नक्सलियों का निधन हो चुका है, जिनके परिवार अब तक कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित थे। ऐसे सभी मामलों में मृत आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिजनों, विशेषकर उनकी पत्नियों को शिविर में आमंत्रित कर मृत्यु प्रमाण-पत्र तैयार कराने, विधवा पेंशन एवं अन्य पात्र शासकीय योजनाओं से जोड़ने हेतु आवश्यक दस्तावेजों का संकलन किया गया तथा संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अविनाश भोई, पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा, अनुविभागीय अधिकारी नरेंद्र पुजारी, यातायात प्रभारी मुकेश जोशी, पुरुषोत्तम वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर के सफल आयोजन में कोंडागांव, फरसगांव एवं केशकाल अनुविभाग के पुलिस अधिकारियों तथा नक्सल ऑपरेशन शाखा की विशेष भूमिका रही।

अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें शिविर तक पहुंचाने एवं विभिन्न योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।

शिविर में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राही

  • प्रधानमंत्री आवास योजना – 40
  • आयुष्मान कार्ड – 7
  • राशन कार्ड – 3
  • बैंक खाते – 6
  • छात्रवृत्ति – 10
  • कौशल विकास प्रशिक्षण – 14
  • स्वरोजगार (पशुपालन) – 11
  • महिला एवं बाल विकास विभाग हेतु इच्छुक हितग्राही – 3
  • मनरेगा जॉब कार्ड – 27
  • कृषि पंप एवं कृषि यंत्र अनुदान – 16
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना – 2
  • आंगनबाड़ी हितग्राही पंजीयन – 5
  • टीएचआर (पोषण आहार) – 2
  • प्रधानमंत्री पोषण योजना – 2
  • विद्यालय गणवेश – 10
  • पाठ्यपुस्तक वितरण – 10
  • वन अधिकार पट्टा – 8
  • किसान क्रेडिट कार्ड – 3
  • मृत्यु प्रमाण-पत्र – 1
  • श्रमिक पंजीयन कार्ड – 75
  • दिव्यांग, विधवा एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनाएं – 11
  • दिव्यांग सहायक उपकरण – 3
  • ड्राइविंग लाइसेंस – 8
  • महतारी वंदन योजना – 42
  • विभिन्न योजनाओं से प्रत्यक्ष लाभान्वित हितग्राही – 52
  • एनसीडी (गैर संचारी रोग) स्वास्थ्य जांच – 63
  • उद्यान विभाग द्वारा 200 पौधों का वितरण किया गया।

यह विशेष शिविर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल प्रभावित परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास की दिशा में जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल साबित हुई।