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🚧 कोरबा की जर्जर सड़कों पर सभापति का तीखा रुख — 7 दिन में सुधार नहीं तो आंदोलन की चेतावनी



कोरबा, 7 अक्टूबर 2025।शहर की मुख्य सड़कों की बदहाली पर अब राजनीतिक मोर्चा खुल गया है। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने आज कलेक्टर और आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर गौमाता चौक, इमलीछापर चौक और कटघोरा रोड की मरम्मत नहीं की गई, तो आम जनता के साथ मिलकर जोरदार आंदोलन किया जाएगा।

सभापति ने कहा कि शहर के मुख्य प्रवेश मार्गों की जर्जर स्थिति अब आम लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। हर दिन वाहन चालक और राहगीर इन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर आए दिन इन दुर्घटनाओं के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे शहर ही नहीं, प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।

🔹 जिम्मेदारी तय करने की मांग

ठाकुर ने कहा कि इन मार्गों के निर्माण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग की है, और कलेक्टर इसके नोडल अधिकारी हैं। बारिश का बहाना बनाकर विभाग अब अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पीडब्ल्यूडी विभाग सक्षम नहीं है, तो खनिज न्यास मद (DMF Fund) से राशि स्वीकृत कर नगर निगम को कार्य एजेंसी बनाया जाए ताकि समय रहते सड़कों की मरम्मत और निर्माण कराया जा सके।

🔹 निगम आयुक्त को भी सौंपा निवेदन

सभापति ने नगर निगम आयुक्त को भी ज्ञापन सौंपकर डीडीएम चौक, ओवरब्रिज के नीचे मेन रोड और कोरबा जोन के अंतर्गत बनने वाले गड्ढों की तत्काल मरम्मत की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण मामूली क्षतिग्रस्त सड़कें अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे अब लाखों रुपए खर्च कर पुनर्निर्माण करना पड़ेगा।

🔹 खनिज न्यास मद के उपयोग पर सवाल

उन्होंने यह भी कहा कि कोरबा जिले को हर साल करीब 600 करोड़ रुपए का राजस्व खनिज न्यास मद से प्राप्त होता है, लेकिन इस राशि का अधिकांश हिस्सा शहर की जगह दूरस्थ इलाकों में खर्च किया जा रहा है। परिणामस्वरूप शहर के मुख्य प्रवेश मार्ग खस्ताहाल हैं, जबकि अनुपयोगी भवनों और योजनाओं में करोड़ों रुपए बर्बाद किए जा रहे हैं।

🔹 जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है

सभापति ने याद दिलाया कि गौमाता चौक और इमलीछापर चौक पर स्थानीय लोगों ने कई बार चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन किए हैं — व्यापारियों ने तो कीचड़ में नहाकर विरोध जताया, पर प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा,

> “जनप्रतिनिधियों और लोकसेवकों का प्रथम कर्तव्य जनता का हित है। अगर 7 दिनों के भीतर सड़कों की मरम्मत नहीं की गई, तो हम जनता के साथ सड़कों पर उतरेंगे।”



🔹 ठोस सुझाव: टास्क फोर्स का गठन

सभापति ने कलेक्टर से मांग की है कि खनिज न्यास मद से एक टास्क फोर्स का गठन किया जाए, जो मुख्य सड़कों की खराब स्थिति की सूचना मिलते ही तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ करे। इससे जनता को राहत मिलेगी और करोड़ों रुपए की बचत भी होगी।