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चौथी पत्नी को हर माह ₹5,000 देगा पति, महिला आयोग ने दिलाई राहत — सालेम स्कूल की शिक्षिका की भी हुई सुनवाई




  


 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरण मयी नायक की अध्यक्षता में सोमवार को आयोग कार्यालय रायपुर में हुई 347वीं राज्य स्तरीय और 166वीं रायपुर जिला स्तरीय जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की गई।

🏫 सालेम स्कूल की शिक्षिकाओं को मिली बड़ी राहत

सुनवाई के दौरान सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल की शिक्षिकाओं ने बताया कि प्रभारी प्राचार्य द्वारा उन्हें बार-बार नोटिस दिए जा रहे थे और उनका वेतन व भविष्य निधि जमा नहीं किया गया।

शिक्षिकाओं ने आरोप लगाया कि आयोग में मामला लंबित होने के बावजूद 6 शिक्षिकाओं को जानबूझकर निलंबित कर दिया गया।

आयोग ने पाया कि वर्तमान कार्यकारिणी की गतिविधियाँ नियम विरुद्ध हैं और रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी ने पहले ही इस कार्यकारिणी को भंग कर पुरानी कार्यकारिणी को बहाल करने का आदेश जारी किया है।

महिला आयोग ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि —

एक सप्ताह के भीतर पुरानी कार्यकारिणी को चार्ज दिलाया जाए।

निलंबित शिक्षिकाओं को यथावत बहाल किया जाए।

सालेम स्कूल में औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाए ताकि शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।

👩‍🦰 चौथी पत्नी के मामले में महिला आयोग का हस्तक्षेप

दूसरे प्रकरण में एक महिला ने शिकायत की कि जिस व्यक्ति से उसने विवाह किया, वह पहले ही तीन बार शादी कर चुका था। विवाह के बाद जब यह सच सामने आया तो महिला ने न्याय की मांग की।

महिला और आरोपी का एक 14 वर्षीय पुत्र है। आरोपी ड्राइवर का कार्य करता है और लगभग ₹15,000 प्रतिमाह कमाता है, जबकि महिला खाना बनाकर जीविका चलाती है।


महिला आयोग की समझाइश पर आरोपी ने महिला और बच्चे के भरण-पोषण के लिए ₹5,000 प्रति माह देने पर सहमति जताई।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि पिता अपने पुत्र से समय-समय पर मिल सकेगा और दोनों पक्ष एक-दूसरे को परेशान नहीं करेंगे।

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⚖️ महिला आयोग की संवेदनशील पहल


महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि आयोग का उद्देश्य महिलाओं को न्याय, सम्मान और सुरक्षित जीवन दिलाना है।

सुनवाई के दौरान कई महिलाओं को राहत मिली और कई प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

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📰 यह जनसुनवाई महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की दिशा में आयोग की सक्रिय भूमिका का सशक्त उदाहरण है।